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Sunday, 12 November 2017

The Universe Hindi- ब्रह्मांड और उसके रहस्य जो आप नही जानते !!!

The Universe Hindi - ब्रह्मण्ड

पृथ्वी को घेरने वाली अपार आकाश और उसमें उपस्थित सभी खगोलीय पिंड (गृह , उपग्रह ,उल्का पिण्ड , तारे मन्दाकिनी आदि ) और सम्पूर्ण ऊर्जा को समग्र रूप से ब्रह्मण्ड(universe ) कहते हैं |ब्रह्मण्ड से सम्बंधित अध्ययन को ब्रह्मण्ड विज्ञान (cosmology ) कहते हैं | ब्रह्मण्ड इतना विशाल है जिसकी हम कल्पना भी नहीं कर सकते | खगोलीय वैज्ञानिकों के अनुसार ब्रह्मण्ड में सैकड़ों अरब से भी ज्यादा मन्दाकिनी (galaxis ) हैं और सैकड़ों अरब से भी ज्यादा तारें हैं | हमारी पृथ्वी तो इस ब्रह्मण्ड में एक अंश से भी अरबों गुना छोटा है | अरबों मन्दाकिनी (galaxy ) में से एक है दुग्ध मेखला (Milkyway ) जिसमे हमारी पृथ्वी मौजूद है | Milkyway में वैसे तो अरबों तारें हैं पर हमारे सबसे करीब तारा सूर्य (sun ) है |

ब्रह्मण्ड की उत्पत्ति (Evolution on of The Universe hindi)

ब्रह्मण्ड की उत्पत्ति कैसे हुआ ? इस सवाल पर कई सिद्धांत व्यक्त किए गए हैं | उन सभी सिद्धांतों में बिग बैंग सिद्धांत (big bang theory ) को अधिक विश्वसनीय माना गया | यह सिद्धांत उस समय प्रतिपादित किया गया जब खगोल वैज्ञानिको ने विकसित टेलिस्कोप तथा अन्य वैज्ञानिक साधनों द्वारा विस्तृत रिसर्च के आधार पर यह बतलाया की हमारा ब्रह्मण्ड लगातार फैलता जा रहा है|

बिग बैंग सिद्धांत (Big bang theory) :

बिग बैंग सिद्धांत का स्पस्टीकरण बेल्जियम के खगोलीय एवं पादरी जार्ज लेमेतेर ने दिया था | इस सिद्धांत के अनुसार अरबों साल पहले यह ब्रह्मण्ड घनीभूत अवस्था में था और एक बिंदु में एक महाविस्फोट हुआ और इसका विस्तार होना शुरू हो गया | इस महाविस्फोट ने अति सघन पिंड (बिंदु) को छिन्न-भिन्न कर दिया और इस पिंड के टूटे हुए अंश अर्थात फोटॉन तथा लेप्टोमवार्क  ग्लुआन अंतरिक्ष में दूर दूर तक छिटक गए और उसी से आकाश गंगाये बनीं जो अभी तक गतिमान बनी हुई हैं |
 इस सिद्धांत के अनुसार बिग बैंग के तत्काल बाद एक सेकण्ड के कई गुना छोटे भाग के समयांतराल में ब्रह्मण्ड परमाण्विक आकार से बढ़कर कॉस्मिक आकार में बदल गया | तदपरांत ब्रह्मण्ड के प्रसार की गति थोड़ी धीमी हुई और इसका ताप काफी समय तक अत्याधिक रहा | कई खरब वर्षों के बाद तारों तथा गेलेक्सियों  का निर्माण शुरू हुआ | हमारा सौरमण्डल भी 4.5 खरब वर्ष पूर्व बना है और पृथ्वी पर जीवन की उत्पत्ति लगभग 0.37 खरब वर्ष पूर्व मन जाता है |
बिग बैंग सिद्धांत को अनेक वैज्ञानिकों द्वारा मान्यता प्राप्त था परन्तु कुछ दिग्गज वैज्ञानिक इस सिद्धांत के विरोधी भी रहे हैं जिनमें फ्रेड हॉयल, हर्मन बाड़ी और थॉमस गोल्ड नाम के ब्रिटिश वैज्ञानिकों ने बिग बैंग सिद्धांत को मानने से इंकार कर दिया | उन्होंने 1948 को ब्रह्मण्ड की उत्त्पत्ति के नए सिद्धांत को प्रस्तुत किया और इस सिद्धांत को स्थाई अवस्था सिद्धांत कहा जाता है |

स्थाई अवस्था सिद्धांत (Steady State Theory ) :

इस सिद्धांत के अनुसार ब्रह्मण्ड की उत्पत्ति महाविस्फोट से नहीं हुआ था अर्थात ब्रह्मण्ड का न तो आदि है और न ही अंत है | इस सिद्धांत के अनुसार आकाश गंगाये आपस में दूर तो होती है परन्तु उनका आकाशीय घनत्व अपरिवर्तित रहता है | यानि दूर होती आकाश गंगाओं के बीच की खाली जगहों में नई आकाशगंगाएं बनती रहती हैं | इसलिए ब्रह्मण्ड का पदार्थ घनत्व एक दम स्थिर बना रहता है | 

आज तक दिए गए सभी सिद्धांतों में बिग बैंग सिद्धांत को ही सबसे ज्यादा मान्यता प्राप्त हुई | बिग बैंग सिद्धांत का प्रतिपादन निम्नांकित तीन अन्वेषणों पर आधारित है :
  1. ब्रह्मण्ड का लगातार प्रसार (Continuous expansion of the Universe hindi)
  2. ब्रह्मण्ड विधुत चुम्बकीय विकिरण से भरा है (Universe is filled with electromagnetic radiatin)
  3. ब्रह्मण्ड का अधिकाधिक द्रव्यमान रहसयमयी ढंग से हमारी द्रस्टी से परे हैं (Most of the mass of universe is my steriously hidden from our view)

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