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Monday, 20 November 2017

How to Born Stars? तारों का जन्म कैसे होता है? | ध्रुव तारा स्थिर क्यों रहता है ?

तारे (STARS ) | The Universe


तारे खगोलीय पिंड हैं , जो प्रकाश और उष्मा उत्सर्जित करते रहते हैं | अतः सूर्य भी एक तारा है | 
भार के अनुपात मे तारों में 70 % हाइड्रोजन(H) , 28 % हीलियम (He), 1.5 % कार्बन (C) - नाइट्रोजन (N) - निऑन (Ne) और 0.5 % में लौह एवं अन्य भारी तत्व होते हैं | 

तारे तीन रंग के होते हैं -
  1. लाल ( Red ),
  2. सफ़ेद ( White ),
  3. नीला  ( Blue ) . 
किसी भी तारे का रंग उसके पृष्ठ ताप द्वारा निर्धारित होता है | जिन तारों का पृष्ठ ताप कम होता है वे लाल रंग के होते हैं | अधिक ताप वाले तारे सफ़ेद होते हैं और जिन तारों का ताप अत्यधिक उच्च होता है वे तारे नीले रंग के होते हैं |

प्रोक्सिमा सेन्टौरी (Proxima Centauri )


प्रोक्सिमा सेन्टौरी एक तारा है जो सूर्य के बाद हमारे सबसे निकट है | पृथ्वी से इसकी दुरी 4.22 प्रकाशवर्ष है | इसके बाद एल्फा सेन्टौरी तीसरा सबसे निकट का तारा है , यह पृथ्वी से  4.3 प्रकाशवर्ष की दूरी पर है | 
रात्रि में सभी तारे पूर्व से पश्चिम की और चलते हुए प्रतीत होते हैं ( ध्रुव तारा को छोड़कर ) | तारों का चलते हुए प्रतीत होना पृथ्वी के कारण होता है क्योंकि पृथ्वी अपने धुरी पर पश्चिम से पूर्व की और घूमती है और इसीलिए तारे इसके विपरीत दिशा में पूर्व से पश्चिम की और चलते हुए प्रतीत होते है , सूर्य भी पूर्व की और से ही उदय होता है | 

ध्रुव तारा ➞


पृथ्वी के अपनी धुरी पर घूर्णन करने के कारण रात्रि में आकाश के सभी तारे आभासी चलते प्रतीत होते है , किन्तु ध्रुव तारा कभी भी अपना स्थान परिवर्तित नहीं करता  है | इसका कारण ध्रुव तारा की स्थिति है | ध्रुव तारा पृथ्वी के घूर्णन की धुरी ( अक्ष ) पर स्थित है | दुनिया में अधिकतम जगहों से ध्रुव तारा उत्तरी ध्रुव के ठीक ऊपर स्थित प्रतीत होता है |
(आप इसे इस तरह भी समझ सकते हैं - अपने ऊपर देखिये और ऊपर स्थित किसी भी स्थिर वस्तु को देखते रहिये आप आप उसी स्थान पर घूमिये और उसी वस्तु को देखते रहिये अब आपके आस पास स्थित सभी वस्तुए घूमती प्रतीत होंगी पर आपके ठीक ऊपर स्थित वस्तु वहीं स्थिर रहेगा | यही सिद्धांत ध्रुव तारे पर भी काम करता है )
अक्सर रेगिस्तानों या समुद्रों में निकले यात्री ध्रुव तारे को देखकर अपने स्थिति का पता लगाते हैं और अपना मार्ग खोजते है |

तारों का जन्म और विकास ( Birth and Evolution of a Star )

तारों के निर्माण में मुख्यतः हाइड्रोजन (H) और हीलियम (He) गैसे सबसे जरुरी होते हैं | तारों के निर्माण की शुरुआत विशाल मंदाकिनियों से होती हैं | मन्दाकिनी में हाइड्रोजन और हीलियम गैसों के घने बादल के रूप में एकत्रित होने के साथ आरम्भ होता है | 

आदि तारा का निर्माण ( Formation of a protostar ) ➞


तारे का जीवन चक्र आकाशगंगा में हाइड्रोजन और हीलियम गैसों के संघनन से प्रारंभ होता है | ये गैसे घने बादलों के रूप ले लेती हैं | इन बादलों को ऊर्ट बादल (Ourt Cloud)कहा जाता है | इन बादलों का ताप -173°C होता है और जैसे - जैसे इन बादलों का आकार बढ़ता जाता है , गैसों के अणुओ के बीच गुरुत्वाकर्षण बल बढ़ता जाता है | जब बादलों का आकर अत्यधिक बढ़ जाता है तब यह स्वयं के गुरूत्वाकर्षण बल के कारण सिकुड़ने लगता है और यह सिकुड़ते हुए घना गैसीय पिंड बन जाता है इस पिंड को ही आदि तारा ( Protostar )कहते हैं | आदि तारे प्रकाश उत्सर्जित नहीं करते हैं | 

आदि तारे से तारे का निर्माण ( Formation of Star from protostar ) ➞

आदि तारा अत्याधिक सघन गैसीय द्रव्यमान है जो विशाल गुरुत्वाकर्षण बल के कारण आगे भी संकुचित होता रहता है | जैसे ही आदितारा आगे संकुचित होना आरम्भ करता है गैस के बादल में उपस्थित हाइड्रोजन परमाणु जल्दी - जल्दी परस्पर टकराते हैं , हाइड्रोजन परमाणु के ये टक्कर आदि तारे के ताप को अत्याधिक बढ़ा देते हैं | आदि तारे के संकुचन की प्रक्रिया लाखों वर्षों तक चलती रहती है जिसके दौरान आदि तारा में आंतरिक ताप आरम्भ में मात्र -173° C  से लगभग 1,00,00,000° C तक बढ़ता है | इस अत्यधिक उच्च ताप पर हाइड्रोजन की नाभिकीय संलयन अभिक्रियायें होने लगती हैं | इस प्रकार चार छोटे हाड्रोजन नाभिक संलयन होकर बड़े हीलियम नाभिक बनाते हैं और उष्मा तथा प्रकाश के रूप में ऊर्जा की विशाल मात्रा उत्पन्न होती हैं | हाइड्रोजन के संलयन से हीलियम बनने के दौरान उत्पन्न ऊर्जा आदि तारे को चमक प्रदान करता है और इस प्रकार एक तारे का जन्म होता है |

1 comment:

  1. santosh bhai bahut achhi jankari share ki aapne, space se related jankari mujhe bhot pasand hai ...

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